वर्ल्ड युनिवर्सिटी ऑफ डिजाइन के कुलपति प्रोफेसर (डॉक्टर) संजय गुप्ता द्वारा प्रदान किया गया यह अवार्ड शक्ति बर्मन की पेंटिंग में उत्कृष्टता को सम्मान है
W7s news,,कोलकाता, 27 मार्च, 2025- रचनात्मक क्षेत्र में शिक्षा के लिए समर्पित भारत की पहली युनिवर्सिटी- वर्ल्ड युनिवर्सिटी ऑफ डिजाइन ने नयन नवेली गैलरी के गठबंधन में पेंटिंग की दुनिया में उल्लेखनीय योगदान करने के लिए प्रख्यात पेंटर शक्ति बर्मन को वर्ष 2025 का प्रतिष्ठित डब्लूयूडी क्रिटिक्स च्वाईस अवार्ड प्रदान किया है। वर्ल्ड युनिवर्सिटी ऑफ डिजाइन के कुलपति प्रोफेसर (डाक्टर) संजय गुप्ता द्वारा प्रदान किया गया यह अवार्ड बर्मन की असाधारण प्रतिभा और कला के लिए उनके आजीवन समर्पण को सम्मान देता है और साथ ही समकालीन कला में एक प्रमुख हस्ती के तौर पर उनकी विरासत को पहचान देता है।
वर्ष 1935 में कोलकाता में जन्मे शक्ति बर्मन ने कोलकाता के गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स में अध्ययन किया और बाद में उन्होंने पेरिस में इकोल नेशनल डेस बिऑक्स-आर्ट्स में अध्ययन किया। उन्हें उनकी अनूठी मार्बलिंग तकनीक के लिए जाना जाता है जहां वह फ्रेस्को जैसी बनावट तैयार करने के लिए एक्रिलिक्स के साथ तेल का मिश्रण करते हैं और अपनी पेंटिंग को स्वप्न जैसी गुणवत्ता देते हैं। उनकी कृतियों में हिंदू और यूरोपीय पौराणिक कथाओं, निजी यादों और अवास्तविक परिदृश्य के घटक होते हैं जहां लोगों, पशुओं और शहरों की मौजूदगी होती है। वर्ष 1954 में अपनी प्रथम एकल प्रदर्शनी के बाद से बर्मन ने पेरिस, लंदन, मिलान और ज्यूरिख में प्रख्यात वीथिकाओं में अपनी प्रदर्शनी लगाई है।
वर्ल्ड युनिवर्सिटी ऑफ डिजाइन द्वारा शुरू किए गए दि डब्लूयूडी क्रिटिक्स च्वाईस अवार्ड्स का लक्ष्य भारत में सभी शैलियों के दृश्य कलाकारों को प्रोत्साहित करना और उन्हें सशक्त बनाना है। ये अवार्ड जहां स्थापित कलाकारों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित करता है, वहीं उदीयमान कलाकारों को पहचान दिलाता है।
सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए वर्ल्ड युनिवर्सिटी ऑफ डिजाइन के कुलपति डाक्टर संजय गुप्ता ने कहा, “शक्ति बर्मन की कला में इतिहास, पौराणिक कथाओं और कल्पना का एक काव्यात्मक मेल देखने को मिलता है जिसे वह अपनी अनूठी मार्बलिंग तकनीकी के जरिए जीवंत स्वरूप प्रदान करते हैं। उनकी रचनाएं एक कालातीत और अलौकिक अनुभव प्रदान करती हैं जिससे पता चलता है कि वह सही मायने में दृश्य के माध्यम से किस्सागोई में निपुण हैं। वर्ल्ड युनिवर्सिटी ऑफ डिजाइन समकालीन कला में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें डब्लूयूडी क्रिटिक्स च्वाईस अवार्ड प्रदान करते हुए गर्व महसूस कर रही है।”
वर्ल्ड युनिवर्सिटी ऑफ डिजाइन हमेशा से ही युवा प्रतिभाओं के पोषण को लेकर प्रतिबद्ध रही है और उन्हें माहौल और अवसर उपलब्ध कराते हुए असाधारण कलात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित कर रही है। इन अवार्ड्स जैसी पहल के जरिए यह युनिवर्सिटी निरंतर कला के क्षेत्र में चैंपियन बनी हुई है और भारत एवं भारत से परे रचनात्मक समुदाय को सहयोग कर रही है।
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