डब्ल्यू डब्ल्यू एफ असम एवं पायल चड्ढा फाउंडेशन की पहल
गुवाहाटी, 30 मार्च: 20वें 'अर्थ आवर' समारोह के अवसर पर, डब्ल्यू डब्ल्यू एफ असम के राज्य कार्यालय ने पायल चड्ढा फाउंडेशन के सहयोग से, महानगर के उजान बाजार स्थित सती राधिका शांति उद्यान में शाम 6:30 बजे से रात 9:30 बजे तक एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम को 'जेनेसिस इवेंट ऑर्गनाइज़र' और 'नंदिनी एनर्जी' जैसे सहयोगियों का समर्थन प्राप्त था, जबकि 'रेडियो गप-शप', 'ऑल इंडिया रेडियो गुवाहाटी', 'रेडियो मिर्ची' और डीवाई 365' जो आयोजन के आउटरीच पार्टनर थे। कार्यक्रम की शुरुआत एक 'कैंडल मार्च' (मोमबत्ती जुलूस) से हुई, जिसका नेतृत्व प्रतिभागियों, डब्ल्यू डब्ल्यू एफ अधिकारियों, पायल चड्ढा फाउंडेशन की टीम और असम के एम्बेसडरों ने किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत प्रागज्योतिष कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत एक सुंदर और पारंपरिक 'बिहू नृत्य' से हुई—जो खुशी, एकता और प्रकृति के साथ गहरे जुड़ाव का प्रतीक था। इसके बाद, डब्ल्यू डब्ल्यू एफ इंडिया असम और अरुणाचल प्रदेश राज्य कार्यालय की निदेशक अर्चिता बरुआ भट्टाचार्य ने 'अर्थ आवर 2026' पर अपना संबोधन दिया वहीं पायल चड्ढा ने भी दर्शकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि डब्ल्यू डब्ल्यू एफ के स्वयंसेवकों ने, जो गुवाहाटी विश्वविद्यालय, पीआईएमसी एस बी देवड़ा कॉलेज, गुवाहाटी कॉमर्स कॉलेज और 'निर्बाक' जैसे विभिन्न संस्थानों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे, गायन, नृत्य और 'माइम' (मूक अभिनय) के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। रात 8:30 बजे, सभी प्रतिभागी एक साथ मिलकर 'प्रतीकात्मक बिजली बंद' करने के लिए एकत्रित हुए; इस अवसर पर मोमबत्तियां जलाई गईं और 'नंदिनी एनर्जी' द्वारा प्रायोजित सौर लाइटें भी रोशन की गईं, जिसने इस पल को हमारे ग्रह के लिए सचमुच यादगार बना दिया। 'अर्थ आवर' के सद्भावना दूत (गुडविल एंबेसडर) जॉय बरुआ और असम के लिए 'अर्थ आवर' के विरासत दूत (लीगेसी एंबेसडर) अर्घदीप बरुआ भी इस 'कैंडल मार्च' में शामिल हुए और इस 'सबसे बड़े घंटे' (बिगेस्ट आवर) के साक्षी बने। पायल चड्ढा ने बताया कि जॉय बरुआ ने दर्शकों को संबोधित किया और अपना प्रसिद्ध व सुंदर गीत 'फ्रीबर्ड' गाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का समापन एक शानदार संगीत प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसमें सौर लाइटों की रोशनी में सितार, गिटार और ड्रम की धुनें गूंजीं, जिसने इस 'सबसे बड़े घंटे' के दौरान शाम को एक विशेष और जादुई स्पर्श प्रदान किया। 'रेडियो गप-शप' के आरजे मैंडी और गुवाहाटी विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग की प्रो. मधुश्री दास ने भी इस कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। पायल चड्ढा फाउंडेशन की संस्थापक पायल चड्ढा ने उन सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनकी उपस्थिति ने इस पहल को एक शानदार सफल आयोजन बनाया।
मालूम हो कि पिछले 4 वर्षों से बी. बरूआ कैंसर इंस्टीट्यूट में नि:शुल्क जल सेवा तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा एवं कौशल विकास प्रदान करते आ रही पायल चड्ढा फाउंडेशन अब ग्रीन अर्थ तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।

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