W7s news,,गुवाहाटी, 8 मई 2026: बहुप्रतीक्षित हिंदी फीचर फिल्म बाज़िंग्ग ख्वाताई का भव्य प्रीमियर 7 मई 2026 को पीवीआर सिटी सेंटर में आयोजित किया गया, जहां दर्शकों, मीडिया और फिल्म जगत के लोगों से इसे जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। लोककथाओं, मनोवैज्ञानिक तनाव और रिचुअलिस्टिक हॉरर के अनोखे मिश्रण से बनी इस फिल्म ने दर्शकों को पूरी तरह बांधे रखा और उन्हें सोचने पर मजबूर किया। इस तरह फिल्म ने इस शैली में एक मजबूत शुरुआत दर्ज की।
शाम का माहौल बेहद उत्साहपूर्ण रहा, जहां कलाकारों, तकनीकी टीम और विशेष मेहमानों ने रेड कार्पेट पर शिरकत की। प्रीमियर की शुरुआत मीडिया संवाद से हुई, जिसके बाद फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की गई। स्क्रीनिंग के दौरान दर्शक पूरी तन्मयता से फिल्म से जुड़े रहे।
फिल्म का निर्देशन सिद्धार्थ शास्ता ने किया है, जो पुणे स्थित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) के पूर्व छात्र तथा स्क्रीन एक्टिंग विभाग के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष हैं। बाज़िंग्ग ख्वाताई आस्था, भय और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं के जटिल संबंधों को गहराई से दर्शाती है। फिल्म की कहानी असम और अरुणाचल प्रदेश के दूरस्थ और दृश्यात्मक रूप से आकर्षक इलाकों की पृष्ठभूमि में रची गई है।
कहानी की शुरुआत रहस्यमयी हत्याओं की जांच से होती है, जो धीरे-धीरे एक प्राचीन पंथ और उसकी रहस्यमयी धार्मिक प्रथाओं की परतें खोलती है। दर्शकों ने फिल्म के वातावरण, क्षेत्रीय प्रामाणिकता और पारंपरिक हॉरर से आगे बढ़कर कहानी कहने के अंदाज़ की सराहना की।
इस मौके पर सिद्धार्थ शास्ता ने कहा,
“हमने पांच साल पहले इस फिल्म का सपना देखा था। यह फिल्म फिल्म निर्माण को लोकतांत्रिक बनाने की भी एक कोशिश है, जहां कुछ जुनूनी लोग मिलकर कुछ सार्थक बनाने के लिए साथ आए। आज फिल्म को रिलीज होते और दर्शकों से इतना शानदार प्रतिसाद मिलते देखना किसी सपने के सच होने जैसा है। ऐसे समय में जब इस शैली की फिल्में बड़े बजट, भारी CGI और VFX के साथ बनाई जाती हैं, हमने पूरी फिल्म वास्तविक लोकेशनों पर शूट करने का फैसला किया। इससे कहानी और पात्रों की विश्वसनीयता और मजबूत होती है, भले ही कहानी पूरी तरह काल्पनिक हो।”
फिल्म में सिद्धार्थ शर्मा, नोवकिशोर दत्ता, अंशुल त्यागी, पूजा छेत्री, विवेक मिश्रा और एल्विन जैसे कलाकारों की मजबूत टीम नजर आती है, जिनके अभिनय को गहराई और ईमानदारी के लिए सराहा गया है।
अभिनेता सिद्धार्थ शर्मा ने कहा,
“दर्शकों की प्रतिक्रिया बेहद उत्साहजनक रही है। यह ऐसी फिल्म है जो लंबे समय तक आपके साथ रहती है, और लोगों को इससे इतनी गहराई से जुड़ते देखना बेहद संतोषजनक है।”
अंशुल त्यागी ने कहा,
“यह फिल्म ईमानदारी और सांस्कृतिक कहानी कहने की भावना से जुड़ी हुई है। प्रीमियर पर मिला प्रतिसाद हमारी पूरी टीम की मेहनत को सही साबित करता है।”
पूजा छेत्री ने कहा,
“मेरे लिए यह फिल्म देवी की शक्ति और उनके उद्देश्य का प्रतीक है। मैं इस भावना को बहुत गहराई से महसूस करती हूं, और मुझे विश्वास है कि कई महिलाएं इस भाव से व्यक्तिगत रूप से जुड़ाव महसूस करेंगी।”
फिल्म की शूटिंग मुख्य रूप से असम और आंशिक रूप से अरुणाचल प्रदेश में की गई है। इन इलाकों के प्राकृतिक और प्रभावशाली दृश्यों को फिल्म की कहानी में इस तरह शामिल किया गया है कि वे स्वयं एक किरदार जैसे महसूस होते हैं।
प्रीमियर के बाद बाज़िंग्ग ख्वाताई 8 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म को असम के 74 स्क्रीन पर व्यापक रिलीज मिली है, साथ ही अरुणाचल प्रदेश में चुनिंदा स्क्रीनिंग और राष्ट्रीय स्तर पर भी इसका प्रदर्शन किया जा रहा है।
लोककथाओं, यथार्थवाद और मनोवैज्ञानिक गहराई के अनोखे मेल के साथ बाज़िंग्ग ख्वाताई भारतीय सिनेमा में एक विचारोत्तेजक फिल्म के रूप में उभरती है—ऐसी फिल्म जो दर्शकों के मन में लंबे समय तक बनी रहती है और उन्हें आस्था तथा भय के वास्तविक स्वरूप पर सोचने के लिए प्रेरित करती है।

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