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Tuesday, 4 August 2026

बाढ़ की विभीषिका के बीच मानवता का सबसे मजबूत सहारा बना मारवाड़ी समाज






पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन के नेतृत्व में राहत एवं पुनर्वास का सेवा अभियान निरंतर जारी


W7s news,गुवाहाटी, 2 अगस्त।

असम के जोरहाट, शिवसागर एवं चराईदेव जिलों में आई भीषण बाढ़ ने हजारों परिवारों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। गांव के गांव जलमग्न हो गए, अनेक परिवार बेघर हो गए, पशुधन की भारी क्षति हुई तथा व्यापारिक प्रतिष्ठानों और घरों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। ऐसे विकट समय में पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन एवं उसकी विभिन्न शाखाओं ने समाज सेवा की अपनी गौरवशाली परंपरा को निभाते हुए राहत एवं पुनर्वास कार्यों की एक सशक्त मिसाल प्रस्तुत की है।


बाढ़ के प्रथम दिन से ही सम्मेलन परिवार की आमगुड़ी, टीयोक, शिवसागर, नाजिरा-गैलेकी, शिमलगुड़ी एवं सोनारी शाखाओं के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता स्थानीय प्रशासन, सिविल डिफेंस तथा सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर राहत कार्यों में दिन-रात जुटे हुए हैं। कहीं नावों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है, तो कहीं राहत शिविरों का संचालन, भोजन, वस्त्र, बिस्तर, दवाइयों एवं अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण किया जा रहा है।


शिवसागर शाखा द्वारा राहत शिविर स्थापित कर अनेक प्रभावित परिवारों को आश्रय एवं भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। नाजिरा-गैलेकी शाखा ने संकट की घड़ी में अपने घरों के द्वार खोलकर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आश्रय प्रदान किया तथा बाढ़ग्रस्त गौशाला में गौमाता की सेवा का दायित्व भी पूरी निष्ठा से निभाया। शिमलगुड़ी, टीयोक और सोनारी क्षेत्रों में भी स्थानीय शाखाएं प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर दूरस्थ एवं जलमग्न क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुंचाने का कार्य निरंतर कर रही हैं।


इस सेवा अभियान की सबसे प्रेरणादायक बात यह है कि असम के विभिन्न जिलों से मारवाड़ी समाज की अनेक सामाजिक संस्थाएं, शाखाएं एवं सेवा संगठन प्रतिदिन राहत सामग्री भेज रहे हैं। इन सामग्रियों में खाद्यान्न, पेयजल, वस्त्र, कंबल, चटाइयां, बिस्तर, स्वच्छता सामग्री, बच्चों एवं महिलाओं की आवश्यक वस्तुएं सहित जीवनोपयोगी सामग्री शामिल है। स्थानीय शाखाएं प्रशासन एवं स्वयंसेवकों के सहयोग से नावों द्वारा दूर-दराज़ के गांवों और रिमोट क्षेत्रों तक पहुंचकर इन राहत सामग्रियों का व्यवस्थित वितरण कर रही हैं, जिससे वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को समय पर सहायता मिल रही है।


पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष श्री कैलाश काबरा के नेतृत्व में प्रांतीय टीम लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के संपर्क में है। प्रांतीय महामंत्री श्री रमेश कुमार चांडक सहित प्रदेश के पदाधिकारियों ने स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, उनकी समस्याओं को जाना तथा हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। सम्मेलन द्वारा प्रांतीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर विशेष राहत कोष के माध्यम से प्रभावित शाखाओं को आर्थिक सहयोग भी उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि राहत कार्यों में किसी प्रकार की कमी न आने पाए।


प्रांतीय टीम ने टीयोक, आमगुड़ी, शिवसागर एवं शिमलगुड़ी क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों की समीक्षा की तथा स्थानीय कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया। साथ ही जिन समाजबंधुओं को व्यापार एवं आजीविका में गंभीर क्षति हुई है, उन्हें बिना ब्याज के आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की पहल भी की गई है, जिससे वे पुनः अपने जीवन एवं व्यवसाय को व्यवस्थित कर सकें।


इस मानवीय अभियान में मोरानहाट, डेमोउ, बड़पत्थार, गुवाहाटी सहित प्रदेश की अनेक शाखाएं भी निरंतर राहत सामग्री एवं सहयोग भेज रही हैं। समाज के सैकड़ों स्वयंसेवक अपने व्यक्तिगत नुकसान की चिंता किए बिना सेवा कार्य में समर्पित भाव से जुटे हुए हैं।


पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन ने कहा है कि यह केवल राहत वितरण का अभियान नहीं, बल्कि मानवता की रक्षा का संकल्प है। जब तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल नहीं हो जाती, तब तक सम्मेलन परिवार स्थानीय प्रशासन एवं समाज के साथ मिलकर सेवा, राहत एवं पुनर्वास के कार्यों में पूरी प्रतिबद्धता के साथ सक्रिय रहेगा।


मानव सेवा ही मारवाड़ी समाज की पहचान है, और संकट की इस घड़ी में पूरा समाज पीड़ित मानवता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।

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